1. "रिपोर्टिंग" (Reporting) बनाम "निषेध" (Prohibitory) सीमा को समझना
एक आम गलतफहमी यह है कि एक ऐसी "सीमा" है जिसके पार नकद जमा करना 'गैरकानूनी' (illegal) है। वास्तव में, कानून दो अलग-अलग चीजों को परिभाषित करता है: रिपोर्टिंग सीमाएँ (जहाँ बैंक सरकार को सूचित करता है) और प्रतिबंधात्मक सीमाएँ (जहाँ लेनदेन स्वयं कानून द्वारा प्रतिबंधित है)।
A. कुल वार्षिक SFT रिपोर्टिंग सीमा (नियम 114E)
कम्प्यूटरीकृत वित्तीय लेनदेन के विवरण (SFT - Statement of Financial Transactions) नियम के तहत, बैंकों को कानूनी रूप से आयकर विभाग (Income Tax Department) को उच्च मूल्य (High value) वाले नकद लेनदेन की रिपोर्ट करनी होती है। ये सीमाएँ आपके पैन (PAN) से जुड़ी एक ही बैंक की सभी शाखाओं में एक वित्तीय वर्ष (FY) में कुल जमा (Aggregate) पर लागू होती हैं:
- बचत खाते (Savings Accounts): यदि ₹10 लाख या उससे अधिक की समग्र नकद जमा (Cash Deposit) होती है, तो बैंक सरकार को इसकी रिपोर्ट करेगा।
- चालू खाते (Current Accounts): चालू खाते में ₹50 लाख या उससे अधिक की नकद जमा या नकद निकासी (Cash withdrawals) पर यह SFT रिपोर्टिंग होती है।
ध्यान दें: "रिपोर्ट" किए जाने का मतलब यह नहीं है कि आपको कर का नोटिस मिलेगा ही। इसका मतलब केवल यह है कि आपका बैंक इसे आपके AIS (वार्षिक सूचना विवरण - Annual Information Statement) में सरकार को भेज रहा है।
2. ₹50,000 का 'पैन कार्ड (PAN)' नियम (नियम 114B)
जबकि SFT सीमाएँ वार्षिक योग (Annual tracking) पर नज़र रखती हैं, नियम 114B व्यक्तिगत जमा (Single day) पर शासन करता है। ₹50,000 या उससे अधिक के किसी भी एक दिन के नकद जमा के लिए, अपना पैन (Permanent Account Number) (या फॉर्म 60) प्रदान करना वैधानिक रूप से अनिवार्य है। इन पहचान विवरणों के बिना बैंक बड़ी नकद स्वीकार नहीं कर सकते।
3. 2 लाख रुपये की पूर्ण मनाही: धारा 269ST (Section 269ST)
SFT रिपोर्टिंग सीमाओं के विपरीत, धारा 269ST (Section 269ST) सख्ती से निषेधात्मक है (अर्थात यह कानूनी रूप से पूरी तरह से मना है)। यह निर्दिष्ट करता है कि कोई भी व्यक्ति नकद रूप में ₹2,00,000 या उससे अधिक प्राप्त नहीं करेगा:
- एक दिन में किसी एक व्यक्ति से कुल मिलाकर (In aggregate from a single person);
- किसी एक 'लेनदेन' (साझेदारी/बिल) के संबंध में; या
- किसी एक व्यक्ति से किसी एक कार्य-कार्यक्रम/आयोजन (Event/occasion - जैसे शादी या घर की बिक्री) के सिलसिले में।
क्या है जुर्माना (Penalty): धारा 269ST का उल्लंघन करने पर धारा 271DA के तहत जुर्माना लगता है, जो प्राप्त की गई नकद राशि के 100% के बराबर है! (उदा. ₹2.5 लाख कैश लिया तो पूरा ₹2.5 लाख जुर्माना भरें)।
4. आयकर विभाग आपकी नकद (Cash) को कैसे ट्रैक करता है?
आयकर विभाग के पास आपके सभी वित्तीय पदचिह्नों (footprints) को ट्रैक करने के कई तरीके हैं:
- बैंकों द्वारा SFT: जो CBDT रिपोर्ट में सीधा दिखाई देता है।
- आपका AIS: यह आपके सभी उच्च मौद्रिक मूल्य वाले लेनदेनों की एक डायरी (Logbook) है जिसे आप ऑनलाइन (e-filing portal) देख सकते हैं।
यदि बड़ी नकद जमा राशि आपके ITR में घोषित आय (Turnover or Income) के अनुपात में नहीं पाई जाती है, तो सिस्टम स्वतः ही एक 'e-Verification' या 'e-Campaign' नोटिस (Notice) भेजता है जो आपसे निधियों का स्रोत (Source of funds) साबित करने के लिए कहता है।
अपनी नकद जमा (Cash Limits) सीमा की जाँच करें
यह देखने के लिए कि क्या आपके वर्तमान लेनदेन SFT या PAN नियम को छू रहे हैं, हमारे इंटरेक्टिव कैश-डिपॉजिट चेकर (Cash Limit Checker) का उपयोग करें।
जमा सीमा और नियम की जाँच करेंअस्वीकरण: यह मार्गदर्शिका केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और फरवरी 2026 तक आयकर अधिनियम के नियम 114E और धारा 269ST पर आधारित है। अपनी सटीक आय-व्यय ट्रैकिंग (Income matching) और कानूनी अनुपालन (Compliance) के लिए हमेशा एक पंजीकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या सीए-फर्म से संपर्क करें। कभी भी अघोषित (black) नकदी का भारी लेनदेन न करें।