Verified by EligibilityTools Editorial & Compliance Board
Fact-Checked: 2026-04-15
Editorial Policy

पुरानी बनाम नई कर व्यवस्था कैलकुलेटर (FY 2025-27)

पुरानी (Old) और नई (New) कर व्यवस्थाओं के बीच निर्णय लेने में आपके आय स्तर और आपके द्वारा संभावित कटौतियों (deductions) का मूल्यांकन करना शामिल है। FY 2025-26 के लिए, नई कर व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है। यह उपकरण धारा 115BAC और सामान्य कटौती नियमों के आधार पर एक सांकेतिक तुलना प्रदान करता है।

Your total annual salary before any deductions
Required for HRA exemption calculation
Income from interest, rentals, or other sources
EPF, PPF, ELSS, Insurance, LIC, Home Loan Principal
Medical insurance premiums for self and family
Interest paid on home loan (Self-occupied property)

पुरानी या नई? आपके लिए कौन सी कर व्यवस्था (Tax Regime) बेहतर है? 2026 का विस्तृत विश्लेषण

पुरानी और नई व्यवस्थाओं के बीच चुनाव वेतनभोगी भारतीयों के लिए हर साल सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय होता है। वित्त अधिनियम 2025 के तहत, नई व्यवस्था को डिफ़ॉल्ट (default) बनाया गया है — लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सभी के लिए सही है। यह गाइड आपको सटीक गणित के माध्यम से यह तय करने में मदद करेगी कि आपके लिए क्या बेहतर है।

1. टैक्स स्लैब तुलना (FY 2025-26)

आय सीमा (Income Range)नई व्यवस्था दरपुरानी व्यवस्था दर
₹4,00,000 तकशून्यशून्य (₹2.5L तक)
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%5%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%20%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%30%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%30%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%30%
₹24,00,000 से ऊपर30%30%

स्रोत: आयकर विभाग — टैक्स स्लैब FY 2025-26

2. ₹12 लाख 'शून्य-कर' लाभ का रहस्य (धारा 87A Rebate)

FY 2025-26 में नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता धारा 87A की छूट है। यदि आपकी शुद्ध कर योग्य आय (Net Taxable Income) ₹12,00,000 तक है, तो गणना किया गया पूरा टैक्स माफ कर दिया जाता है। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, ₹75,000 की मानक कटौती (Standard Deduction) का मतलब है कि आप ₹12,75,000 के सकल वेतन (Gross Salary) तक जीरो टैक्स दे सकते हैं।

उदाहरण — ₹12 लाख वेतन: सकल ₹12,00,000 → घटाएं मानक कटौती ₹75,000 = कर योग्य आय ₹11,25,000। ₹11,25,000 पर कर = ₹52,500। धारा 87A छूट = ₹52,500। देय शुद्ध कर = ₹0.

महत्वपूर्ण नोट: यदि आपकी आय ₹12 लाख से ₹1 भी अधिक हो जाती है, तो यह पूरी छूट वापस ले ली जाती है और आपको पूरा टैक्स देना पड़ता है। सीमा पर 'मार्जिनल रिलीफ' (Marginal Relief) उपलब्ध है, लेकिन आमतौर पर ₹12L जीरो टैक्स का अंतिम बिंदु है।

3. पुरानी कर व्यवस्था में मिलने वाली प्रमुख कटौतियां

पुरानी व्यवस्था आपको कई छूटों और कटौतियों का उपयोग करके अपनी कर योग्य आय को कम करने की अनुमति देती है। सबसे प्रभावशाली हैं:

  • धारा 80C: ₹1,50,000 तक (EPF, PPF, ELSS, LIC, होम लोन मूलधन)
  • HRA छूट (नियम 2A): यदि आप किराए के घर में रहते हैं, तो यह ₹1-3 लाख तक आय को कम कर सकता है।
  • धारा 24(b): होम लोन ब्याज पर ₹2,00,000 तक की छूट।
  • धारा 80D: चिकित्सा बीमा पर ₹25,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) तक।
  • मानक कटौती: पुरानी व्यवस्था में ₹50,000 (नई व्यवस्था में ₹75,000 के मुकाबले)।

4. ब्रेक-ईवन पॉइंट: पुरानी व्यवस्था कब बेहतर है?

पुरानी व्यवस्था तब फायदेमंद होती है जब आपकी कुल कटौतियां 'ब्रेक-ईवन कटौती' से अधिक हो जाती हैं — वह बिंदु जहां दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स बराबर होता है। आय स्तर के आधार पर अनुमानित ब्रेक-ईवन राशियां यहां दी गई हैं:

सकल वेतन (Gross Salary)आवश्यक ब्रेक-ईवन कटौतीयदि कटौतियां ब्रेक-ईवन से कम हैं तो फैसला
₹5,00,000लागू नहीं (नई = जीरो टैक्स)नई व्यवस्था हमेशा बेहतर है
₹8,00,000~₹1,25,000नई व्यवस्था अधिक फायदेमंद
₹10,00,000~₹2,00,000करीबी मुकाबला — ऊपर टूल से गणना करें
₹15,00,000~₹3,75,000यदि आप 80C + HRA + 80D का अधिकतम उपयोग करते हैं
₹20,00,000~₹4,50,000+यदि होम लोन ब्याज शामिल है

5. कैलकुलेटर में उपयोग किए गए मुख्य वैधानिक नियम

  • नियम 2A (HRA): छूट (वास्तविक HRA, मूल वेतन का 10% घटाकर दिया गया किराया, या मेट्रो/गैर-मेट्रो के लिए मूल वेतन का 40/50%) में से जो भी कम हो।
  • धारा 87A: यदि शुद्ध कर योग्य आय ≤ ₹12,00,000 (नई व्यवस्था) या ≤ ₹5,00,000 (पुरानी व्यवस्था) है तो पूरा टैक्स रिबेट।
  • स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर (Cess): दोनों व्यवस्थाओं में अंतिम कर पर अनिवार्य 4% सेस।
  • अधिभार (Surcharge): उच्च आय वाले व्यक्तियों के लिए ₹50 लाख से ऊपर की आय पर लागू। हमारा कैलकुलेटर सरचार्ज की सटीक गणना करता है।

Frequently Asked Questions

क्या मैं हर साल व्यवस्थाओं (Regimes) के बीच स्विच कर सकता हूँ?

हां, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, आप ITR भरते समय हर साल अपनी व्यवस्था चुन सकते हैं। व्यापार मालिकों के लिए, यह विकल्प जीवनकाल में एक बार तक सीमित है।

क्या ₹75,000 की मानक कटौती (Standard Deduction) दोनों व्यवस्थाओं में उपलब्ध है?

नहीं। FY 2025-26 के लिए, नई व्यवस्था में मानक कटौती ₹75,000 है और पुरानी व्यवस्था में ₹50,000 है।

'ब्रेक-ईवन कटौती' (Breakeven Deduction) क्या है?

यह पुरानी व्यवस्था में आवश्यक कटौती की वह राशि है जो आपकी कर देयता को नई व्यवस्था के बराबर कर देती है। यदि आपकी कटौतियां इस बिंदु से अधिक हैं, तो पुरानी व्यवस्था बेहतर है।

क्या आप एक विस्तृत स्लैब-वार तुलना गाइड प्रदान कर सकते हैं?

हमारी विस्तृत तुलना गाइड देखें जिसमें स्लैब, छूट और बहिष्करण का विवरण दिया गया है।

सांकेतिक कार्यप्रणाली और तथ्य-जांच: यह मूल्यांकनकर्ता वित्त अधिनियम 2025 और धारा 115BAC के तर्क पर आधारित है। परिणाम सांकेतिक हैं और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं। यह पेशेवर कर सलाह का गठन नहीं करता है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले हमेशा एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से परामर्श लें।