Verified by EligibilityTools Editorial & Compliance Board
Fact-Checked: 2026-04-15
Editorial Policy

नकद जमा सीमा जाँचकर्ता

यह उपकरण वैधानिक रिपोर्टिंग सीमाओं (SFT) और कानूनी अनुपालन सीमाओं के विरुद्ध भारतीय नकद जमा लेनदेन का मूल्यांकन करता है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नियम 114E (वित्तीय लेनदेन का विवरण) और नियम 114B (PAN की आवश्यकता) शामिल हैं।

बचत (₹10L) और चालू (₹50L) खातों के बीच सीमाएँ भिन्न होती हैं।
इस प्रकार के सभी खातों में वित्तीय वर्ष में जमा कुल नकद।
≥₹50,000 की एक दिन की जमा राशि के लिए अनिवार्य PAN/फॉर्म 60 की आवश्यकता होती है।

वैधानिक ढांचा: नियम 114E

आयकर विभाग वित्तीय लेनदेन के विवरण (SFT) के माध्यम से उच्च-मूल्य वाले नकद लेनदेन की निगरानी करता है। जब एक ही वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) में विशिष्ट कुल सीमा पार हो जाती है, तो बैंकों के लिए रिपोर्टिंग अनिवार्य होती है।

1. वार्षिक कुल सीमाएं

  • बचत खाता: ₹10 लाख या उससे अधिक की कुल नकद जमा।
  • चालू खाता: ₹50 लाख या उससे अधिक की कुल नकद जमा या निकासी।

नोट: ये सीमाएँ कुल (aggregate) हैं, जिसका अर्थ है कि एक ही PAN से जुड़े एक ही बैंक की कई शाखाओं या खातों में जमा राशि को जोड़ा जाता है।

2. ₹50,000 का PAN नियम (नियम 114B)

₹50,000 या अधिक की किसी भी एकल नकद जमा के लिए, अपना स्थायी खाता संख्या (PAN) या फॉर्म 60 प्रदान करना एक अनिवार्य वैधानिक आवश्यकता है।

3. नकद प्राप्ति निषेध (धारा 269ST)

धारा 269ST के तहत, कोई भी व्यक्ति किसी एक व्यक्ति से एक दिन में, एक लेनदेन के संबंध में, या एक घटना या अवसर से संबंधित लेनदेन के संबंध में ₹2 लाख या उससे अधिक की राशि नकद में प्राप्त नहीं करेगा। उल्लंघन करने पर प्राप्त नकद के बराबर दंड लगता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रिपोर्टिंग का मतलब है कि मुझे कर देना होगा?

नहीं। रिपोर्टिंग (SFT) का सीधा सा मतलब है कि आयकर विभाग को लेनदेन की सूचना दी गई है। यदि नकद स्रोत वैध है और आपकी घोषित आय (ITR) से मेल खाता है, तो कोई कर प्रभाव नहीं पड़ता है।

क्या नकद निकासी की भी रिपोर्ट की जाती है?

हाँ, चालू खातों के लिए, ₹50 लाख या उससे अधिक की कुल नकद निकासी की रिपोर्ट की जाती है। बचत खातों के लिए, रिपोर्टिंग मुख्य रूप से जमा पर केंद्रित होती है।

यदि मैं सीमा पार करता हूँ तो क्या होगा?

लेनदेन आपके वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में दिखाई देगा। यदि जमा आपकी आय के अनुपात में नहीं है, तो विभाग अनुपालन पोर्टल के माध्यम से 'ई-सत्यापन' (e-Verification) प्रश्न भेज सकता है।

सांकेतिक संदर्भ: यह उपकरण वर्तमान भारतीय कर नियमों (नियम 114E/114B) के आधार पर सूचनात्मक मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह कानूनी प्रमाण या अनुपालन की गारंटी नहीं देता है।

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Last Fact-Checked: 2026-04-15 | Source: Income Tax Act, 1961